सहायता मिस्र में नहीं किंतु प्रभु में
1 हाय उन पर जो मिस्र देश में सहायता के लिए जाते हैं,
और जो घोड़ों पर आश्रित होते हैं,
उनका भरोसा रथों पर है क्योंकि वे बहुत हैं,
और सवारों पर क्योंकि वे बलवान है,
किंतु वे इस्राएल के पवित्र परमेश्वर की ओर सहायता के लिए नहीं देखते,
और न ही वे याहवेह को खोजते हैं.
2 परंतु वह भी बुद्धिमान हैं याहवेह और दुःख देंगे;
याहवेह अपने वायदे को नहीं बदलेंगे.
वह अनर्थकारियों के विरुद्ध लड़ेंगे,
और उनके खिलाफ़ भी, जो अपराधियों की सहायता करते हैं.