5 पंख फैलाए हुए31:5 पंख फैलाए हुए अर्थात् एक पक्षी के समान
पक्षी के समान
सर्वशक्तिमान याहवेह येरूशलेम की रक्षा करेंगे;
और उन्हें छुड़ाएंगे."
5 पंख फैलाए हुए31:5 पंख फैलाए हुए अर्थात् एक पक्षी के समान
पक्षी के समान
सर्वशक्तिमान याहवेह येरूशलेम की रक्षा करेंगे;
और उन्हें छुड़ाएंगे."
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