7 परवत पर स आत हए उनक पर कस शभ ह,
ज शभ सदश ल रह ह,
ज शत,
और भलई क बत सनत ह,
ज उदधर क घषण करत ह,
तथ जयन स कहत ह,
"रजय तमहर परमशवर क ह!"
7 परवत पर स आत हए उनक पर कस शभ ह,
ज शभ सदश ल रह ह,
ज शत,
और भलई क बत सनत ह,
ज उदधर क घषण करत ह,
तथ जयन स कहत ह,
"रजय तमहर परमशवर क ह!"