4 हुंह लागअ उझै बाखा भाल़अ अर मुखा शुझुअ इहअ कि उतर दिशा बाखा आई बडी ढिश-बागरी! घणैं बादल़ा मांझ़ा का थिई बिज़ल़ीए च़पराल़ै लागै दै अर सारै सरगै ती झ़प्प-तल़प्पी लागी दी। ज़ेसी बिज़ल़ीए च़पराल़ै लागा तै, तेथ शुझिआ त किज़ै कांस्सै ज़िहअ। 5 1:5 प्रका. 4:6बडी ढिश-बागरी मांझ़ै शुझुऐ मुखा च़ार ज़ीब निखल़ै, तिंयां ज़ाण्हिंआं तै मणछा ज़िहै,
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