1 बिधाता बोलअ मुल्है भिई इहअ, 2 "मणछा, इज़राईल देशे धारा बाखा लै भाल़ संघा खोज़ तिन्नां लै समाद। 3 तूह बोल इज़राईल देशे धारा लै बिधातो समाद शूणां, शूणां कि हुंह थारअ परमेशर बिधाता किज़ै बोला, हुंह बोला बडी-बडी धारा, नाल़ा अर खागा लै, ‘मुंह छ़ाडणैं थारै दुशमण तम्हां तलबारा करै मारदै। धारे च़ुंडी बणाऐं दै थारै मुहुर्ती पूज़ा करने गान-स्तान करनै मुंह पठ खतम। 4 थारी मुहुर्ती लै बल़ीदान करने बेदी पाणीं ढोल़ी अर धूपा ज़ाल़णे बेदी पाणीं फाल़ी। थारै लोग पाणै थारै देअए मुहुर्ती सम्हनै मारी। 5 इज़राईलीए ल्हासा रहणीं तिधी पल़ी! मुंह बझ़ैल़णै दुशमणे सैना का थारै हाडकै तिधी बेदी फेर छिंगी डाहणै। 6 दुशमणे सैना करनी तम्हां इज़राईलीए तिंयां सोभ नगरी बरैबाद ज़िधी-ज़िधी तम्हैं बस्सै दै आसा। तिन्नें सोभ बेदी अर तिन्नें मुहुर्तीए बी करनै फाल़ी करै ठोर-ठोर, तिन्नें धूप ज़ाल़णे बेदी बी पाणीं फाल़ी। ज़ुंण बी च़िज़ा तम्हैं बणाईं तिंयां करनी तिन्नां पठ खतम। 7 फेरा-फेर लागणीं ल्हासे रूल़ी, ज़ुंण ज़िऊंदै बच़णैं तिन्नां का लागणअ तेखअ थोघ कि हुंह आसा बिधाता।
8 "‘तज़ी बी डाहणैं मुंह तम्हां मांझ़ै थोल़ै ज़िऊंदै, ज़ुंण तलबारे काट-फणाटी का बच़े तिंयां छिंघणैं देशा-देशा जैंदरी, 9 ज़ुंण ज़िऊंदै बच़णैं, तिंयां डेऊणैं गलामी दी। तिंयां हणैं पराऐ देशै रहणा लै मज़बूर। तेथ फिरनी तिन्नां मेरी आद अर तेखअ एछणी तिन्नां समझ़ मंऐं दैनी तिन्नां लै सज़ा अर मंऐं किऐ तिंयां शर्मिंदै किल्हैकि तिन्नैं किअ मुंह संघै विश्वास घात, तिंयां डेऊऐ मुखा दूर मुंह छ़ाडी रहै तिंयां च़िल़्हखरी मुहुर्ती पूज़दै लागी। ज़ुंण पाप तिन्नैं किऐ, तेता लै च़ेतणी तिन्नां आप्पू ई शरम। 10 तेखअ लागणअ तिन्नां का थोघ कि हुंह आसा बिधाता अर ज़ुंण मंऐं तिन्नां लै चतैनगी दैनी ती, सह निभी तेही ई।’"
11 म्हारअ मालक बिधाता बोलअ इहअ, "इज़राईली ज़ुंण कदुष्ट, बूरै अर च़िल़्हखरै काम किऐ, तेता लै पटाक्क आपणैं हाथ! खूरा करै ला धरनीं तडराल़ी! दुखै ला ज़ोरै-ज़ोरै लेरा! तिंयां च़ाल्लै ऐबै नबिज़री बमारी, नकाल़ अर जुधा दी तलबारा करै मरी। 12 ज़ुंण दूर होए तिंयां मरनै बमारी करै अर ज़ुंण नेल़ होए तिंयां पाणै जुधा लै तलबारा करै मारी। ज़ुंण नगरी भितरी ज़िऊंदै बच़े तिन्नां लै पल़णअ नकाल़ संघा मरनै भुखै। इहअ करै पल़णअ इज़राईली लै मेरअ आगी ज़िहअ रोश्श। 13 इज़राईलीओ, ज़ुंण तम्हैं धारा-धारठी, उछ़टी ज़ोता, हरै डाल़ा बूटा हेठै, घणैं महरूए बूटा हेठै थारै देअए मुहुर्ती लै हूम बल़ीदान करना लै बेदी अर धूप ज़ाल़णे बेदी आसा बणाईं दी, ज़ेभै तम्हां का तिन्नां बेदी अर मुहुर्ती सम्हनै थारै भाई-बंधे ल्हासा भाल़णीं, तेभै लागणअ सोभी का थोघ कि हुंह आसा बिधाता। 14 हाँ, मुंह एछणअ आप्पै संघा करनअ तिन्नों देश पठी बरैबाद। मुंह करनअ अह देश दखण रेगीस्ताना उझै उतरा बाखा रिबला नगरी तैणीं शुन्नअ तेथ निं कोह मणछ बच़णअ। तेखअ लागणअ सोभी का थोघ कि हुंह आसा बिधाता।"