17 पर मुंह करनअ थारअ लाज़ संघा करनै भिई राम्बल़ै,
मुंह करनै तम्हैं थारै ज़खमा का नरोगै।
अह गल्ल डाही मंऐं बिधाता बोली।
तम्हां लै बोला थारै दुशमण, ‘सियोन आसा छ़ाडी दी,
एसे हेर-सभाल़ करनै आल़अ निं कोहै आथी।’"
17 पर मुंह करनअ थारअ लाज़ संघा करनै भिई राम्बल़ै,
मुंह करनै तम्हैं थारै ज़खमा का नरोगै।
अह गल्ल डाही मंऐं बिधाता बोली।
तम्हां लै बोला थारै दुशमण, ‘सियोन आसा छ़ाडी दी,
एसे हेर-सभाल़ करनै आल़अ निं कोहै आथी।’"