28 तेखअ किई शिमशोनै इहअ बोली बिधाता सेटा अरज़, "हे मेरै मालक महान बिधाता, मुंह निं बिस्सरी आथी, हे परमेशर ज़ीबाण, सिधअ एकी बारी दै मुल्है तूह भिई तिहअ ई ज़ोर ताकि हुंह पलिश्ती का आपणीं दुही आछिए कांणै हणैंओ एक बदल़अ लई सकूं।"
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28 तेखअ किई शिमशोनै इहअ बोली बिधाता सेटा अरज़, "हे मेरै मालक महान बिधाता, मुंह निं बिस्सरी आथी, हे परमेशर ज़ीबाण, सिधअ एकी बारी दै मुल्है तूह भिई तिहअ ई ज़ोर ताकि हुंह पलिश्ती का आपणीं दुही आछिए कांणै हणैंओ एक बदल़अ लई सकूं।"