24 ‘हुंह करा बिधाता का एही अरज़ कि
सह दैए ताल्है बर्गत अर
तेऊ लोल़ी सदा तेरी फाज़त किई,
25 बिधाता लोल़ी ताल्है आपणीं झींण
अर जश रहैऊअ।
26 ताह लोल़ी सुख-शांती भेटी अर
मेरी आसा बिधाता का एही अरज़ कि तेऊ निं लोल़ी
ताह बाखा कधि पिठ फरेऊई।’
24 ‘हुंह करा बिधाता का एही अरज़ कि
सह दैए ताल्है बर्गत अर
तेऊ लोल़ी सदा तेरी फाज़त किई,
25 बिधाता लोल़ी ताल्है आपणीं झींण
अर जश रहैऊअ।
26 ताह लोल़ी सुख-शांती भेटी अर
मेरी आसा बिधाता का एही अरज़ कि तेऊ निं लोल़ी
ताह बाखा कधि पिठ फरेऊई।’