3 अळतेण मे राजगादी मे गेथो काना ने उची अवाज सी आहयु केते ह़मळ्यो, "देख, हाव भगवान नु घोर माणहु नी वच मे से। अने तीहयो तीमनी ह़ाते रेहे, अने तीहया तीना माणहु केवायहे। अने भगवान खुद तीमनी ह़ाते रेहे अने तीमनो भगवान केवायहे। 4 अने तीहयो तीमना डोळा ना आखा आंहवा नुस देहे। अने आनीन अळतेण मोत नी रेय, अने नी दुख, अने नी रड़वा-कलपवा नु रेय, अने नी वेला रेय; पेल्नी वात हाव खत्तम हय जी।"
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