कीताप अने गाडरु
1 जे राजगादी पोर बहलो हतो, मे तीना जमणा हात मे एक कीताप देख्यो जे मोय अने बारी गेथी लीखली हती, अने तीहयी ह़ात सीलटप्पा लगाड़ीन बंद करली हती। 2 अळतेण मे एक जोर वाळा ह़रगदुत ने देख्यो जे उचा बोलु सी आहयु परच्यार करतो हतो, "आहयी कीताप ने उगड़वा अने तीना सीलटप्पा तोड़वा नी लायक कोय से?"