13 अळतेण मे ह़रग मे अने धरती पोर अने धरती तळे अने दर्या नी आखी बणावली चीज ने,
अने आखी जे तीनी मे से, आहयु केते ह़मळ्यो,
"जे राजगादी पोर बह र्यो तीनी अने गाडरु नी बड़ाय,
अने ईज्जत, अने राज जलम रेय!"
13 अळतेण मे ह़रग मे अने धरती पोर अने धरती तळे अने दर्या नी आखी बणावली चीज ने,
अने आखी जे तीनी मे से, आहयु केते ह़मळ्यो,
"जे राजगादी पोर बह र्यो तीनी अने गाडरु नी बड़ाय,
अने ईज्जत, अने राज जलम रेय!"