9 "हे मेरे बेट्टे सुलैमान! तू अपणे पिता के परमेसवर का ज्ञान राख, अर खरे मन अर खुश जी तै उसकी सेवा करदा रह; क्यूँके यहोवा मन नै जाँच्चै अर विचार म्ह जो कुछ पैदा होवै सै उसनै समझै सै। जै तू उसकी खोज म्ह रहवै, तो वो तन्नै मिलैगा; पर जै तू उसनै त्याग दे तो वो सदा खात्तर तेरै ताहीं छोड़ देगा।
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