26 फेर परमेसवर नै कह्या, "हम माणस1:26 मनुष्य : मनुष्य नई प्रजाति सै, वो खास तौर पै इस धरती के और तरियां के प्राणियाँ तै न्यारा सै। नै अपणे स्वरूप कै मुताबिक1:26 अपणे स्वरूप के मुताबिक : यानी अपणी समानता म्ह। मनुष्य का सुर्ग तै सम्बन्ध सै अर इस धरती का कोए भी प्राणी न्ही सै अपणी समानता म्ह बणावां; अर वे समुन्दर की मछलियाँ, अर अकास के पंछियाँ, अर घरेलू पशुआं, अर सारी धरती पै, अर सारे रेंगण आळे जन्तुआं पै जो धरती पै रेंगै सैं, हक राक्खै।" 27 फेर परमेसवर नै अपणे स्वरूप म्ह माणस ताहीं रच्या, अपणे ए स्वरूप म्ह परमेसवर नै माणस ताहीं बणाया; नर अर नारी के रूप म्ह उसनै माणस की सृष्टि करी। 28 अर परमेसवर नै उन ताहीं आशीर्वाद दिया; अर उनतै कह्या, "फूल्लो-फळो, अर धरती म्ह भर जाओ, अर उस ताहीं अपणे बस म्ह कर ल्यो; अर समुन्दर की मछलियाँ, अर अकास कै पंछियाँ, अर धरती पै रेंगण आळे सारे जन्तुआं पै हक राक्खो।"
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