लोगां का बड़बड़ाणा
1 फेर सारी मण्डळी चिल्ला उठी; अर रात भर वे माणस रोन्दे ए रहे। 2 अर सारे इस्राएली मूसा अर हारुन पै बड़बड़ाण लाग्गे; अर सारी मण्डळी उसतै कहण लाग्गी, "भला होंदा के हम मिस्र देश म्ह ए मर जान्दे! या इस जंगळ म्ह ए मर जान्दे! 3 यहोवा म्हारे ताहीं उस देश म्ह ले जाकै क्यूँ तलवार तै मरवाणा चाहवै सै? म्हारी बिरबान्नी अर बाळ-बच्चे तो लूट म्ह चले जावैंगे; के म्हारे खात्तर आच्छा कोनी के हम मिस्र देश म्ह बोहड़ जावां?" 9 सिर्फ इतणा करो के थम यहोवा कै खिलाफ बलवा ना करो; अर ना उस देश के माणसां तै डरो, क्यूँके वे म्हारी रोट्टी ठहरैगें; छाया उनके उप्पर तै हटगी सै, अर यहोवा म्हारै गैल सै; उनतै ना डरो।"
33 अर जिब ताहीं थारी लाश जंगळ म्ह ना गळ जावै तब ताहीं, यानिके चाळीस साल तक, थारे बाळ-बच्चे जंगळ म्ह थारे व्यभिचार का फळ भोगदे होए भटकदे रहवैंगे। 34 जितने दिन थम उस देश का भेद लेन्दे रहे, यानिके चाळीस दिन उनकी गिणती कै मुताबिक, एक दिन कै बदलै एक साल, यानिके चाळीस साल ताहीं थम अपणे अधर्म की सजा ठान्दे रहोगे, फेर थम जाण ल्योगे के मेरा बिरोध के सै।