1 फेर बिलाम नै बालाक तै कह्या, "उरै मेरै खात्तर सात वेदियाँ बणवा, अर इस्से जगहां पै सात बाछड़े अर सात मिंढे त्यार कर।" 2 फेर बालाक नै बिलाम कै कहण कै मुताबिक करया; अर बालाक अर बिलाम नै मिलकै हर एक वेदी पै एक बाछड़ा अर एक मिंढा चढ़ाया। 3 फेर बिलाम नै बालाक तै कह्या, "तू अपणे होमबलि कै धोरै खड्या रह, अर मै जाऊँ सूं; हो सकै सै के यहोवा मेरै तै फेटण नै आवै; अर जो कुछ वो मेरै पै जाहिर करैगा वोए मै तेरे ताहीं बताऊँगा।" फेर वो एक मुँण्ड़े पहाड़ पै गया। 4 अर परमेसवर बिलाम तै मिल्या; अर बिलाम नै उसतै कह्या, "मन्नै सात वेदियाँ त्यार करी सैं, अर हर एक वेदी पै एक बाछड़ा अर एक मिंढा चढ़ाया सै।" 5 यहोवा नै बिलाम कै मुँह म्ह एक बात डाली, अर कह्या, "बालाक कै धोरै बोहड़ ज्या, अर इस तरियां कहिये।" 6 अर वो उसकै धोरै बोहड़कै आ ग्या, अर के देक्खै सै के वो सारे मोआबी हाकिमां समेत अपणे होमबलि कै धोरै खड्या सै। 7 फेर बिलाम नै अपणी गहरी बात शरु करी, अर कहण लाग्या,
"बालाक नै मेरे ताहीं अराम तै,
यानिके मोआब के राजा नै मेरे ताहीं पूर्व के पहाड़ां तै बुलवा भेज्या:
‘आ, मेरै खात्तर याकूब नै श्राप दे, आ, इस्राएल नै धमकी दे!’
8 पर जिन ताहीं परमेसवर नै न्ही श्राप दिया उननै मै क्यूँ श्राप दियुँ?
अर जिन ताहीं यहोवा नै धमकी न्ही दी उननै मै किस तरियां धमकी दियुँ?
9 चट्टानां की चोट्टी पै तै वे मन्नै दिखाई देवैं सैं,
पहाड़ियाँ पै तै मै उन ताहीं देक्खूँ सूं;
वा इसी जात्ति सै जो एक्ली बसी रहवैगी,
अर गैरजात्तां तै अलग गिणी जावैगी!
10 याकूब के धूळ के किणक्यां नै कौण गिण सकै सै,
या इस्राएल की चौथाई की गिणती कौण ले सकै सै?
सौभाग्य जै मेरी मौत धर्मियाँ की सी
अर मेरा अन्त भी उन्हे की तरियां हो!"
11 फेर बालाक नै बिलाम तै कह्या, "तन्नै मेरै गैल के करया सै? मन्नै तेरे ताहीं अपणे बैरियाँ तै श्राप देण नै बुलवाया था, पर तन्नै उन ताहीं आशीष ए आशीष दी सै।" 12 उसनै कह्या, "जो बात यहोवा नै मेरै तै सिखाई, के मन्नै उस्से ताहीं सावधानी तै बोलणा न्ही चाहिये?"
13 बालाक नै उसतै कह्या, "मेरे गैल दुसरी जगहां पै चाल, जित्त तै वे तेरे ताहीं दिखाई देवैंगे; तू उन सारया नै तो न्ही, सिर्फ बाहर आळयां नै देख सकैगा; ओड़ै तै उननै मेरै खात्तर श्राप दे।" 14 फेर वो उसनै सोपीम नाम के मदानां म्ह पिसगा कै सिरे पै लेग्या, अर ओड़ै सात वेदी बणवाकै हर एक पै एक बाछड़ा अर एक मिंढा चढ़ाया। 15 फेर बिलाम नै बालाक तै कह्या, "अपणे होमबलि कै धोरै उरैए खड्या रह, अर मै ओड़ै जाकै यहोवा तै भेंट करुँ।" 16 अर यहोवा नै बिलाम तै भेंट करी, अर उसनै उसकै मुँह म्ह एक बात और डाली, अर कह्या, "बालाक कै धोरै बोहड़ ज्या, अर इस तरियां कहिये।" 17 अर वो उसकै धोरै गया, अर के देक्खै सै के वो मोआबी हाकिमां समेत अपणी होमबलि कै धोरै खड्या सै। अर बालाक नै पूच्छया, "यहोवा नै के कह्या सै?" 18 फेर बिलाम नै अपणी गहरी बात शरु करी, अर कहण लाग्या,
"हे बालाक, मन लगाकै सुण,
हे सिप्पोर के बेट्टे, मेरी बात पै कान लगा:
19 परमेसवर माणस कोनी के झूठ बोल्लै,
अर ना वो आदमी सै के अपणी मर्जी बदलै।
के जो कुछ उसनै कह्या उस ताहीं न्ही करै?
के वो वचन देकै उसनै पूरा न्ही करै?
20 देख, आशीर्वाद ए देण का हुकम मन्नै पाया सै:
वो आशीष दे चुक्या सै, अर मै उसनै न्ही पलट सकदा।
21 उसनै याकूब म्ह अनर्थ न्ही पाया;
अर ना इस्राएल म्ह अन्याय देख्या सै।
उनका परमेसवर यहोवा उनकै गैल सै,
अर उन म्ह राजा की सी ललकार होवै सै।
22 उननै मिस्र देश म्ह तै परमेसवर ए काड्डै लिये आण लागरया सै,
वो तो जंगळी सांड की तरियां ताकत राक्खै सै।
23 पक्का कोए मंत्र याकूब पै न्ही चाल सकदा,
अर इस्राएल पै भावी कहणा कोए मतलब न्ही राखदा;
पर याकूब अर इस्राएल कै बारै म्ह इब यो कह्या जावैगा,
के परमेसवर नै के निराळा काम करया सै!
24 सुण, वो टोळ शेरणी की ढाळ उठैगा,
अर शेर की ढाळ खड़या होवैगा;
वो जिब तक शिकार नै न्ही खा ले, अर मरे होया के लहू नै न्ही पी ले,
जिब ताहीं न्ही बोहड़ैगा।"
25 फेर बालाक नै बिलाम तै कह्या, "उन ताहीं ना तो श्राप दिये, अर ना आशीष दिये।" 26 बिलाम नै बालाक तै कह्या, "के मन्नै तेरे तै न्ही कह्या के जो कुछ यहोवा मेरै तै कहवैगा, वोए मन्नै करणा पड़ैगा?"
27 बालाक नै बिलाम तै कह्या चल, "चल मै तेरे ताहीं एक और जगहां पै ले चाल्लूँ सूं; उम्मीद सै के परमेसवर की मर्जी हो के तू ओड़ै तै उननै मेरै खात्तर श्राप दे।" 28 फेर बालाक बिलाम नै पोर कै सिरे पै, जित्त तै यशीमोन देश दिखाई देवै सै, लेग्या। 29 अर बिलाम नै बालाक तै कह्या, "आड़ै मेरै खात्तर सात वेदी बणवा, अर आड़ै सात बाछड़े अर सात मिंढे त्यार कर।" 30 बिलाम कै कहण कै मुताबिक बालाक नै हर एक वेदी पै एक बाछड़ा अर एक मिंढा चढ़ाया।