1 फेर यहोवा नै मूसा तै कह्या, 2 "मिद्यानियाँ तै इस्राएलियाँ का बदला ले; उसकै बाद तू अपणे माणसां म्ह जा मिलैगा।" 3 फेर मूसा नै माणसां तै कह्या, "अपणे म्ह तै माणसां नै युद्ध कै खात्तर हथियार धारण कराओ के वे मिद्यानियाँ पै चढ़कै उनतै यहोवा का बदला लें। 4 इस्राएल के सारे गोत्र म्ह तै हर एक गोत्र के एक-एक हजार माणसां नै युद्ध करण कै खात्तर भेज्जो।" 5 फेर इस्राएल के सारे गोत्र म्ह तै हर एक गोत्र के एक-एक हजार आदमी छाँटे गये, यानिके युद्ध कै खात्तर हथियार-बन्द म्ह तै बारहा हजार माणस। 6 हर एक गोत्र म्ह तै उन हजार-हजार माणसां नै, अर एलीआजर याजक के बेट्टे पीनहास ताहीं, मूसा नै युद्ध करण कै खात्तर भेज्या, अर पीनहास कै हाथ्थां म्ह पवित्रस्थान के बरतन अर वे तुरहियाँ थी जो साँस बाँध-बाँधकै फूँकी जावैं थी। 7 अर जो हुकम यहोवा नै मूसा तै दिया था, उसकै मुताबिक उननै मिद्यानियाँ तै युद्ध करकै सारे माणसां ताहीं मार दिया। 8 अर बाकी मरे होया नै छोड़ उननै एवी, रेकेम, सूर, हूर, अर रेबा नाम के मिद्यान के पाँचों राज्याँ ताहीं मार दिया; अर बोर के बेट्टे बिलाम ताहीं भी उननै तलवार तै मार दिया। 9 अर इस्राएलियाँ नै मिद्यानी जनानियाँ ताहीं बाळ-बच्चे सुधा कैदी बणा लिया; अर उनके गां-बळध, भेड़-बकरी, अर उनकी सारी सम्पत्ति ताहीं लूट लिया। 10 अर उनके घर के सारे नगरां, अर सारे छावनियाँ ताहीं फूँक दिया; 11 फेर वे, के माणस के पशु, सारे कैदियाँ अर सारी लूट-पाट नै लेकै 12 यरीहो नगर कै धोरै की यरदन नदी कै तट पै, मोआब कै अराबा म्ह, छावणी कै धोरै, मूसा अर एलीआजर याजक अर इस्राएलियाँ की मण्डळी कै धोरै आए।
13 फेर मूसा अर एलीआजर याजक अर मण्डळी के सारे प्रधान छावणी कै बाहर उनका स्वागत करण नै लिकड़े। 14 अर मूसा सहस्त्रपति-शतपति आदि, सेनापतियाँ तै, जो युद्ध करकै बोहड़ै आवै थे छो म्ह होकै कहण लाग्या, 15 "के थमनै सारी जनानियाँ ताहीं जिन्दा छोड़ दिया? 16 देक्खे, बिलाम की राय तै, पोर कै बारै म्ह इस्राएल के माणसां तै यहोवा का बिश्वासघात इन्हे बिरबानियाँ नै कराया, अर यहोवा की मण्डळी म्ह मरी फैल्ली। 17 इस करकै इब बाळ-बच्या म्ह तै हरेक छोरे नै, अर जितनी बिरबानियाँ नै आदमी का मुँह देख्या हो उन सारियां नै मार द्यो। 18 पर जितनी छोरियाँ नै आदमी का मुँह न्ही देख्या हो उन सारियां नै थम अपणे खात्तर जिन्दा राक्खो। 19 अर थम माणस सात दिन तक छावणी कै बाहर रहो, अर थारै म्ह तै जितन्या नै किसे माणसां ताहीं मारया हो, अर जितन्या नै किसे मरे होए माणसां ताहीं छुया हो, वे सारे अपणे-अपणे कैदियाँ सुधा तीसरे अर सातमै दिनां म्ह अपणे-अपणे ताहीं पाप छुड़ाकै पवित्र करैं। 20 अर सारे कपड़यां, अर चमड़े की बणी होई सारी चिज्जां, अर बकरी कै बाळां की अर लाकड़ी की बणी होई सारी चिज्जां नै पवित्र कर ल्यो।" 21 फेर एलीआजर याजक नै सेना के उन माणसां तै जो युद्ध करण गये थे कह्या, "नियम-कायदे की जिस विधि का हुकम यहोवा नै मूसा तै दिया सै वो न्यू सै: 22 सोन्ना, चाँदी, पीत्तळ, लोहा, टीन, अर शीशा, 23 जो कुछ आग म्ह ठैहर सकै उस ताहीं आग म्ह गेरो, फेर वो ठीक ठहरैगा; फेर भी वो अशुद्धता तै छुड़ाणआळे पाणी कै जरिये पवित्र करया जावै; पर जो कुछ आग म्ह न्ही ठैहर सकै उस ताहीं पाणी म्ह डबो द्यो। 24 अर सातमै दिन अपणे कपड़यां नै धोइयो, फेर थम शुद्ध ठहरोगे; अर फेर छावणी म्ह आणा।"
25 फेर यहोवा नै मूसा तै कह्या, 26 "एलीआजर याजक अर मण्डळी के पितरां कै घरान्यां के खास-खास माणसां नै गेल्या लेकै तू लूट के माणसां अर डांगरां की गिणती कर; 27 फेर उननै आध्धा-आध्धा करकै एक हिस्सा उन सिपाहियाँ नै जो युद्ध करण नै गए थे, अर दूसरा हिस्सा मण्डळी नै दे। 28 फेर जो सिपाही युद्ध करण नै गए थे, उनके आध्धे हिस्से म्ह तै यहोवा कै खात्तर, के माणस, के गां-बळध, के गधे, के भेड़-बकरियाँ 29 पाँच सौ कै पाच्छै एक नै मानकै ले ले; अर यहोवा की भेंट करकै एलीआजर याजक ताहीं दे दे। 30 फेर इस्राएलियाँ के आध्धे म्ह तै, के माणस, के गां-बळध, के गधे, के भेड़-बकरियाँ, या किसे ढाळ का पशु हो, पचास कै पाच्छै एक लेकै यहोवा के निवास की रुखाळी करण आळे लेवियाँ ताहीं दे।" 31 यहोवा के इस हुकम कै मुताबिक जो उसनै मूसा तै दिया मूसा अर एलीआजर याजक नै करया।
32 अर जो चिज्जां सेना कै माणसां नै अपणे-अपणे खात्तर लूट ली थी उनतै घणी लूट या थी; यानिके छः लाख पचत्तर हजार भेड़-बकरी, 33 बहत्तर हजार गां-बळध, 34 इकसठ हजार गधे, 35 अर माणसां म्ह तै जिन बिरबानियाँ नै आदमी का मुँह न्ही देख्या था वो सारी बत्तीस हजार थी। 36 अर इसका आध्धा, यानिके उनका हिस्सा जो युद्ध करण नै गए थे, उस म्ह भेड़-बकरी तीन लाख साढ़े सैंतीस हजार, 37 जिन म्ह तै पौणे सात सौ भेड़-बकरी यहोवा का कर ठहरी। 38 अर गां-बळध छत्तीस हजार, जिन म्ह तै बहत्तर यहोवा का कर ठहरे। 39 अर गधे साढ़े तीस हजार, जिन म्ह तै इकसठ यहोवा का कर ठहरे। 40 अर माणस सोलह हजार जिन म्ह तै बत्तीस प्राणी यहोवा का कर ठहरे। 41 इस कर नै जो यहोवा की भेंट थी मूसा नै यहोवा के हुकम कै मुताबिक एलीआजर याजक ताहीं दे दिया।
42 इस्राएल की मण्डळी का आध्धा हिस्सा, जिस ताहीं मूसा नै युद्ध करण आळे माणसां कै धोरै तै न्यारा करया था 43 तीन लाख साढ़े सैंतीस हजार भेड़-बकरी 44 छत्तीस हजार गां-बळध, 45 साढ़े तीस हजार गधे, 46 अर सोलह हजार माणस होए। 47 इस आध्धे म्ह तै, यहोवा के हुकम कै मुताबिक मूसा नै, के माणस के पशु, पचास म्ह तै एक लेकै यहोवा के निवास की रुखाळी करण आळे लेवियाँ ताहीं दे दिया।
48 फेर सहस्त्रपति-शतपति आदि, जो सरदार सेना कै हजारां कै उप्पर ठहराये थे, वे मूसा कै धोरै आकै कहण लाग्गे, 49 "जो सिपाही म्हारै अधीन म्ह जीण लागरे थे उनकी तेरे दास्सां नै गिणती ली, अर उन म्ह तै एक भी कोनी घट्या। 50 इस करकै पैजेब, कड़े, गुठियाँ, बालियाँ, बाजूबन्द, सोन्ने के जो गहणे, जिसनै पाया सै, उन ताहीं हम यहोवा कै स्याम्ही अपणे प्राणां कै कारण प्रायश्चित करण नै यहोवा की भेंट करकै ले आए सां।" 51 फेर मूसा अर एलीआजर याजक नै उन ताहीं वे सारे सोन्ने के नक्काशीदार गहणे ले लिए। 52 अर सहस्त्रपतियाँ अर शतपतियाँ नै जो भेंट का सोन्ना यहोवा की भेंट करकै दिया वो सारा सोलह हजार साढ़े सात सौ शेकेल का था। 53 (योद्धाओं नै तो अपणे-अपणे खात्तर लूट ले ली थी।) 54 यो सोन्ना मूसा अर एलीआजर याजक नै सहस्त्रपतियाँ अर शतपतियाँ तै लेकै मिलापआळे तम्बू म्ह पोहुच्या दिया, के इस्राएलियाँ कै खात्तर यहोवा कै स्याम्ही याद दुआण आळी चीज ठहरै।