22 यानिके वो पाणी जो श्राप का कारण होवै सै तेरी अंतड़ियाँ म्ह जाकै तेरे पेट ताहीं फुलावै, अर तेरी जाँघ ताहीं सड़ा दे। फेर वो जनान्नी कहवै, आमीन, आमीन।"
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22 यानिके वो पाणी जो श्राप का कारण होवै सै तेरी अंतड़ियाँ म्ह जाकै तेरे पेट ताहीं फुलावै, अर तेरी जाँघ ताहीं सड़ा दे। फेर वो जनान्नी कहवै, आमीन, आमीन।"
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