63 "मालिख, आमुहूं ओर होये के, तो लबाड़ जिवतुज ओतू तेहेलाम कोयोतो, के ‘आंय तीन दिहोअ फाटी जिवीत उठीहीं.’27:63 मत्तय 12:40; 16:21; 17:23; 20:19; लुक 8:2,3 64 ताहरोअ तुमू तीन दिही जाआं माहणोअ राखवाली कोए तेहें काजे आदेश आपा, एहलोहो ने ओवुहूं जोवे के तियाआ सेला आवित कोइत तियाआ तोड़ सोइत लेत जाता रोयेन ताहराआ माअहुंहूं कोना वोले, के ‘तो मोतोमेहें रोत जिवीत उठ्युहू,’ ताहराआ ते आपू पेल्लाआ ठोगाअया तिया रोत सेलवाआ ठोगाअहूं तों जाअखो खाराब ओवे."