28 क्या तुम नहीं जानते?
तुमने नहीं सुना?
याहवेह सनातन परमेश्वर है,
पृथ्वी का सृजनहार, वह न थकता,
न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अपरंपार है.
29 वह थके हुओं को बल देता है,
शक्तिहीनों को सामर्थ्य देता है.
30 यह संभव है कि जवान तो थकते,
और मूर्छित हो जाते हैं और लड़खड़ा जाते हैं;
31 परंतु जो याहवेह पर भरोसा रखते हैं
वे नया बल पाते जाएंगे.
वे उकाबों की नाई उड़ेंगे;
वे दौड़ेंगे, किंतु श्रमित न होंगे,
चलेंगे, किंतु थकित न होंगे.