1 आनीन अळतेण तीहयो ह़रगदुत मने जीवाय आपवा वाळा पाणी नी एक नंदी देखाड़्यो, अने आहयी नंदी काच ने तेवी उजळी हती, तीहयी भगवान अने गाडरु नी राजगादी मे गेथी नीकळती हती। 2 तीहया नंदी ह़ेर नी ह़ड़क नी वचा-वच वयती हती। नंदी नी बेम धेड़े जीवाय नु झाड़ हतु। तीहया झाड़के हर साल बारे कावा फोळ फालता हता। एक मयना मे एक वार, अने तीहयु झाड़ ना पान्टा वेर जाती-जाती ना माणहु आरगा हयता हता।
3 अने तीहया ह़ेर मे कोय बी भगवान ना सराप मे नी रेय, अने भगवान अने गाडरु नी राजगादी तीहया ह़ेर मे रेहे, अने तीमना चाकर्या तीमनी बड़ाय करहे। 4 तीहया तीनु मोडु देखहे, अने तीनु नाम तीमना नींडाळे लीखलु रेहे। 5 अळतेण रात नी हये, अने तीमने दीवा नु अने दाहड़ु नु वीजाळु नी जरवत नी रेय, काहाके मालीक भगवान तीमने वीजाळु आपहे, अने तीहया राजान तेम जलमका राज करहे।