सरदीस ने खबर
1 "सरदीस नी मंडळी ना दुत ने आहयु लीख: ‘जीनी पांह भगवान नी ह़ात आत्मा अने ह़ात तारा से, तीहयो आहयु केय के मे तारा कामु ने जाणु, अने माणहु केय तु जीवत्लो से पण ह़ाचलीन तु मरलो से।’ 2 एतरे उठ जा, अने तीने मजबुत कर, जे बच जेलु से आनीन पेले के तीहयु पुरी रीती सी मर जाय, काहाके मे तारा काम ने भगवान नी नींगा मे अरदा देख्यो।