8 "मे तारा कामु ने जाणु; देख मे तारी अगळ एक झापलु उगड़लु राख र्यो, जीने कोय दी नी सके; मे जाणु के तारी ताखत थोड़ीक से, ते बी तु मारी ह़ीकापण ने मान्यो अने तु मारी ह़ाते भरहा नी लायक बणीन र्यो।
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8 "मे तारा कामु ने जाणु; देख मे तारी अगळ एक झापलु उगड़लु राख र्यो, जीने कोय दी नी सके; मे जाणु के तारी ताखत थोड़ीक से, ते बी तु मारी ह़ीकापण ने मान्यो अने तु मारी ह़ाते भरहा नी लायक बणीन र्यो।