6 ता मे देख्यो गाडरु राजगादी नी वचा-वच उबु हय र्यु, अने च्यारोव जीव अने पेल्ना वारा ना माणहु नी वच मे घेरवाय र्यु हतु, तीहयु एक मार नाखलुन तेवु गाडरु देखायतु हतु; तीना ह़ात ह़ींगड़ा अने ह़ात डोळा हता; जे भगवान नी ह़ातोव आत्मा से जीमने आखी धरती पोर मोकल्ली हती।
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