झूठ्ठे नबी
1 "जै तेरै बिचाळै कोए नबी या सपना देखण आळा प्रगट होकै तन्नै कोए निशान या चमत्कार दिखावै, 2 अर जिस निशान या चमत्कार नै सबूत ठहराकै वो तेरै तै कहवै, ‘आओ आपां पराए देवत्यां के अनुयायी हो कै, जिनतै थम इब ताहीं अनजाण रहे, उनकी उपासना करां,’ 3 फेर थम उस नबी या सपना देखणआळे कै वचन पै कदे भी ध्यान ना दियो; क्यूँके थारा परमेसवर यहोवा थारी परीक्षा लेवैगा, जिसतै न्यू जाण ले, के ये मेरै तै अपणे सारे मन अर सारे प्राण कै गेल्या प्यार करै सैं के न्ही? 4 थम अपणे परमेसवर यहोवा कै पाच्छै चालियो, अर उसका भय मानियो, अर उसके हुकमां पै चालियो, अर उसका वचन मानियो, अर उसकी सेवा करियो, अर उस्से तै लिपटे रहियो।