8 बगानी जवाणसा ते दूर ई रएयो,
ओर तेसा रे कअरो री देऊल़ी पाँदे आपणे कदम पनि राखेयो;
9 केथी एड़ा नि ओ कि तूँ आपणी महिमा खोई दे जो तेरा तेरेया लोका बीचे आ,
ओर आपणी जवानिया देई निर्दयी माणूंए रे आथे मरी जाए;
10 या एड़ा नि ओ कि बगाने तेरिया कमाईया साथे आपणा पेट परो,
ओर ईंयाँ तेरी मईणती री कमाई परदेशिया रे कअरे चली जाओ;
11 ओर तूँ आपणी जिन्दगिया रे आखरी बखतो रे
जेबे तेरे शरीरो री तागत खत्म ऊई जाओ ओर तूँ रोन्दा रई जाए,
12 तेबे ता एड़ा बोलणा, "मैं ये सबक कऊँ नि सिखेया?
ओर जिने आऊँ समजाया तेसरी मैं केड़ी बेज्जती कित्ती!
13 मैं आपणे गुरूआ री शिक्षा नि सुणी
ओर आपणे सिखाणे वाल़ेया रे उपदेशा पाँदे त्यान नि दित्तेया।
14 एबे आऊँ सभा ओर मण्डल़िया बीचे
हमेशा बुराईया रे जाई की पड़ेया।"