अंजिरोअ साड़ोप रोत हिकवोण
32 "अंजिर साड़ोप रोत ए गोठ सिकाआ: जाहां तियाआ डालीइ डिरा फुटताहा आन पाने वोअलीतेहे, ताहां तुमू जाइंत लेतेहे, के उनालू आहने होय. 33 एहेंज कोइत, जाहां तुमू ए आखी गोठी पालहा, ताहां ओं जांअजा, के वेल आहने होय, निस्ती बाअपुरेज होय.