बिधाता किअ संसारो नसाफ
1,2 इहअ करै रहै धरती दी खास्सै मणछ हंदै लागी, खिरी छिंघुऐ तिंयां सारी पृथूई दी। तिन्नें कई शोहरी थिई हेरनी शुणनी बेघै बित्ती। तेखअ ज़हा लै बिधाते शोहरू6:1-2 बिधाते शोहरू स्वर्गे ज़ीब। बोला तै, तिंयां लोभणूंऐं तिन्नां शोहरी भाल़ी, संघा डेऊऐ तिंयां तिन्नां जैंदरी, तेखअ ज़ुंण-ज़ुंण शोहरी तिन्नां गम्मी, तिन्नां-तिन्नां संघा किअ तिन्नैं बैह।6:1-2 आयू. 1:6; 2:1 3 तेखअ बोलअ बिधाता इहअ, "ऐबै निं मुंह आपणअ ज़िऊंणेंओ शाह 6:3 ज़िऊंणेंओ शाह मेरी आत्मां ज़ुंण ज़िन्दगी दैआइना दी सदा लै डाहणअ। ऐबै करनी मुंह मणछे अमर एकी शौआ बिहा साला तैणीं।"
4 तेऊ ज़मानैं रहा तै धरती दी बडै-बडै दैन्तर मणछ, तिंयां थिऐ आजू तिन्नें लुआद ज़हा मणछे शोहरी संघै तिंयां बिधाते शोहरू रहै-बस्सै। तिंयां थिऐ खास्सै जोधै मणछ अर तेऊ ज़मानैं थिऐ तिंयां मशूर।
मणछो पाप
5 बिधाता भाल़अ कि धरती हुऐ मणछ बेघै बूरै, अर तिंयां सोठा आपणैं मन्नैं हर बगत बूरअ ई।6:5 भज. 53:2
6 इहअ भाल़ी हुअ बिधाता दुख, सह पछ़ताअ धरती दी मणछा बणाईं करै।
7 बिधाता बोलअ इहअ, "ज़ुंण मंऐं ईंयां मणछ बणाऐं, ईंयां करनै मुंह सोभ मारी खतम! अर पृथूईए सोभै हांढणै-फिरनैं आल़ै ज़ीब अर सरगै डैऊणै आल़ै च़ेल्लू-पखीरू, डागै-चैणैं बी निं मुंह किछ़ डाहणैं, ईंयां मणछ बणाऐं मंऐं च़िंधी।"
धर्मीं नूह
8 पर बिधाता किई नूहा लै झींण।
9 नूहो खिंब आसा इहअ:
संसारै थिअ नूह ई एक्कै मणछ धर्मीं अर सह मना त बिधाता बोली दी हर गल्ला।6:9 2 पत. 2:5