1 लोगा बोल़णअ इहअ,
"अह गल्ल निं कोही लाई ती मनी ज़ुंण हाम्हैं एभै खोज़दै आसा लागै दै।
अह निं कोही का च़ाल्लअ त शुझुई कि अह किअ बिधाता आप्पै।
2 सह च़ाहा त बिधाता कि तेऊओ दास
शुक्की ज़ैगा नऊंईं टिरा ज़िहअ राझ़े।
तेऊए निं एही किछ़ै शोभा-शान आथी ती
कि हाम्हैं तेऊ बाखा धैन दैए।
तेऊ दी निं किछ़ लोभणैं आल़ी गल्ल आथी ती,
ज़ेता करै हाम्हैं तेऊ बाखा फिरदै।53:2 मार्क. 9:12
3 हाम्हैं किई तेऊ लै नफरत अर हाम्हैं समझ़अ सह बृथा,
तेऊ ज़िरै दाह-दुख अर
हाम्हैं किअ सह इहअ भाल़अ नां भाल़अ कि
तेऊए निं कोई बुगत ई आथी!53:3 मोत्त. 9:12
4 पर तेऊ ज़िरै तिंयां दुख ज़ुंण हाम्हां पल़णै तै भुगतणै,
अर ज़ुंण दाहे शूल़ हाम्हां लागणै तै दैणैं।
हाम्हैं रहै तेऊ लै इहअ सोठदै लागी कि
अह मार आसा एऊ लै परमेशरे हुणाकार।53:4 मोत्त. 8:17; 1 पत. 2:24
5 पर तेऊ लै पल़ै म्हारै पापा पिछ़ू ज़खम,
म्हारै पापी कामां पिछ़ू पल़ी तेऊ मार।
तेऊ ज़िरी सह सज़ा कि म्हारअ मेल़-ज़ोल़ होए,
तेऊ ज़िरै घोर दाह-दुख कि हाम्हैं ताज़ै-नरोगै होए।53:5 रोम. 4:25; 1 पत. 2:24