1 ज़ांऊं राज़ै हिजकिया अश्शूरी राज़े ईंयां सारी गल्ला शूणीं, तेऊ धेल़ै दुखी हई आपणैं झिकल़ै संघा डेऊअ घेरी खिंथल़ै पल़ेटी बिधाते भबना लै। 2 तेखअ छ़ाडै राज़ै हिजकिया एलीकीम ज़हा का राज़ दरबार त सभाल़अ द, शेबना काईथ, असापो शोहरू जोआह ज़हा का इतिहास लिखणैंओ काम त सभाल़अ द, सैणैं अर प्रोहत आमोसे शोहरू मुंह ईशायाह गूरा सेटा लै। तिन्नैं सोभी बी थिऐ घेरी खिंथल़ै पल़ेटै दै। 3 हिजकिया दैनअ तिन्नां का मुल्है इहअ समाद, "एऊ बगती आसा हाम्हां लै खास्सी खरी पल़ी दी, आझ़ हुऐ हाम्हैं खास्सै बेइज़त! म्हारअ देश हुअ एही सुंदी बेटल़ी ज़िहअ ज़सरी सूंणें धैल़ी ता गई एछी पर तैहा निं शूल़ दैणैं जोगी ज़ोर बी आथी! 4 अश्शूर देशे राज़ै छ़ाडै आपणैं प्रधान सैनापति इधा लै ज़िऊंदै परमेशरे बेइज़ती करदै! बिधाता दैए इना एही गल्ला बोल़णैं आल़ै लै आप्पै सज़ा। तूह कर बिधाता सेटा हाम्हां मांझ़ै तिन्नां सोभी लै प्राथणां ज़ुंण अज़ी ज़िऊंदै आसा!"
5 ज़ांऊं हिजकिया राज़े कार-करिंदै मुंह ईशायाह सेटा पुजी तेऊओ अह समाद खोज़अ, 6 मंऐं ईशायाह दैनअ तिन्नां का राज़ै लै इहअ समाद बापस, "बिधाता बोला इहअ, ‘हुंह आसा बिधाता, अश्शूरी राज़े कार-करिंदै ज़ुंण मेरै बारै एही बृथा गल्ला करा कि हुंह निं तम्हां बच़ाऊई सकदअ! तेता का निं तूह डरी आथी। 7 मुंह करनअ इहअ कि तिन्नां का शुण्हनी तिन्नें आपणैं देशे बारै फुआह अर तेता करै पल़अ तिन्नां जैंदरी झाख। तेखअ डेऊणैं तिंयां आपणैं देशा लै फिरी अर तेऊए आपणैं देशै पजैल़ी बझ़ैल़णअ मुंह सह तलबारा करै मारनै।’"
8 अश्शूर देशे सैनापति का खोज़अ कुंणी कि अश्शूर देशो राज़अ डेऊअ लकीश नगरी का लिब्ना नगरी संघै जुधा लै अर सह डेऊअ ऐहा गल्ला राज़ै का पुछ़दअ तिधा लै। 9 तेभै ई हेरी अश्शूरी राज़ै तिर्हका लै कुंणी खबर दैई कि कूश देशो राज़अ आसा आपणीं सैना संघी तेऊ संघै जुधा लै। इहअ शूणीं छ़ाडै तेऊ यहूदे राज़ै हिजकिया सेटा दूत अर तिन्नां का दैनअ च़िठी लिखी इहअ समाद, 10 "ज़हा परमेशर बिधातो तूह भरोस्सअ करा, तेऊए ऐहा गल्ले निहंचै निं तूह रही कि अश्शूर देशो राज़अ निं एरुशलेम नगरी कबज़अ करी सकदअ। 11 ताखा आसा आप्पै थोघ कि अश्शूर देशे राज़ै होरी देशे केही दशा किई। तूह कै समझ़ा कि तूह मुखा छ़ुटी जाणअ? 12 मेरै दादै-बाबै किअ गोजान, हारान अर रेसेप नगरीओ बनाश अर ज़ुंण एदेनी मणछ तलसार नगरी रहा तै तिंयां किऐ मारी खतम! तेथ निं अश्शूरी राज़ै का तिन्नां बच़ाऊंदै तिन्नें एक बी देअ-देबी आऐ! 13 आझ़ हमात, अर्पात, सपर्बैम, हिना अर इबा नगरीए राज़ै किधी आसा?"
14 यहूदे राज़ै हिजकिया ढाकी सह च़िठी दूते हाथा का पोर्ही संघा पहल़ी। तेखअ डेऊअ सह बिधाते भबना लै संघा डाही सह च़िठी खोल्ही करै बिधाता सम्हनै। 15 तेखअ किई तेऊ बिधाता सेटा एही अरज़, 16 "हे स्वर्गे सारी सैने मालक बिधाता, तेरअ आसन आसा फैंखा आल़ै स्वर्ग दूता प्रैंदै। सारअ भ्रमंड अर तेथ ऐहा पृथूई बणाणैं आल़अ आसा तूह ई। सारै संसारा प्रैंदै आसा तूह ई एक्कै परमेशर। 17 ऐबै हे बिधाता, ऐबै भाल़ तूह आप्पै कि हाम्हां संघै किहअ-किहअ आसा हंदअ लागअ द! तूह शुण आप्पै कि सनहेरीब राज़अ किज़ै बोला! तेऊ आसा ताह ज़िऊंदै परमेशर बिधाते बेइज़ती करना लै च़िठी दैनी दी लिखी। 18 हे बिधाता, हाम्हां सोभी का आसा थोघ कि अश्शूर देशे राज़ै किऐ कई देश पठी खतम! 19 तिन्नें देअ-देबी प्लुशै तेऊ आगी जैंदरी। इहअ त हणअ ई किल्हैकि तिंयां निं परमेशर आथी तै, तिंयां थिऐ मणछै काठ-पात्थर टिप्पी करै आपणैं हाथै आप्पै बणाऐं दै। 20 ऐबै हे परमेशर बिधाता, अश्शूरी राज़ै का बच़ाऊ हाम्हां ऐबै तूह आप्पै, ताकि संसारै सोभी देशा का थोघ लागे कि तूह ई आसा बिधाता एक्कै।"
21 आमोसे शोहरू मंऐं ईशायाह दैनअ हिजकिया राज़ै लै इहअ समाद, "अश्शूरी राज़ै सनहेरीबे बारै तंऐं ज़ुंण इज़राईले परमेशर बिधाता सेटा अरज़ किई, सह हेरी बिधाता शूणीं, 22 ऐबै बोला बिधाता तेऊ अश्शूरी राज़ै लै इहअ,
‘सनहेरीब, एरुशलेम नगरीए लोग लागणै ताल्है हास्सदै, अर तेरै सुहांगा करदै।
23 तूह त मुल्है फिटक दैंदअ लागअ द अर
मेरै सुहांगा करदअ लागअ द अर मुंह सेटा डिंगा मारदअ लागअ द
ज़ुंण इज़राईलो पबित्र परमेशर आसा! 24 तंऐं छ़ाडै आपणैं कार-करिंदै मुंह मालके बेइज़ती करदै कि अर तूह बोला आप्पू लै इहअ,
"मंऐं निंयं आपणअ रथ सोभी का उछ़टै लाबानोन धारा प्रैंदै बी।
हुंह पुजअ तेते सोभी का घणैं बणैं, संघा काटै मंऐं राम्बल़ै-राम्बल़ै
केल़ुई अर कैलीए बूट! 25 मंऐं झुटअ देशा-देशे आप्पै कुहै खण्हीं पाणीं,
ज़ेही ई मंऐं मिसर देशे धरती दी आपणीं सैना संघी गंईं डाही
मिसर देशे नील नदी शकेऊई मंऐं पठी।"
26 "‘सनहेरीब, ऐबै शुण तूह कि हुंह बिधाता किज़ै बोला,
मंऐं आसा खास्सी साला पैहलै ईंयां गल्ला सोठी डाही दी।
ताखा निं थोघ ई आथी कि सह आसा हुंह आप्पै
ज़ुंणी ताह इना गल्ला करनै दैनअ कि तूह
फेर फिरदै गहल़ा आल़ी इना नगरी बी बरैबाद करे।
27 तैही निं तेथ बस्सै दै लोगा दी ज़ोर-ज़ाहण ई रहै अर तिन्नां जैंदरी पल़अ झाख अर डअर।
तिंयां हुऐ बणें फूला अर होछ़ै-होछ़ै तेऊ घाह ज़िहै ज़ुंण सरलै दहल़ै लागा
अर उझै बझ़णै का आजी जाआ तिंयां मछैंईं।
28 "‘पर मुखा आसा तेरै बारै सोभी गल्लो थोघ कि
तूह किज़ै करा अर केभै किधा लै डेओआ।
इहअ बी आसा मुखा थोघ कि तूह मुल्है किहअ आसा फ्रिशुअ द।
29 मंऐं हेरअ भाल़ी कि तूह किहअ शरेरअ आसा अर
तूह मुंह संघै केही ज़ीद डाहा अर केही नफरत करा,
ऐबै लाई मंऐं तेरी कुकल़ी मुर्क अर तेरै नाकै नकेल लाई,
तेखअ लाअ मंऐं तूह ज़हा बाता आअ तैहा ई बाता बापस छ़ाडी।’"
30 तेखअ बोलअ हिजकिया राज़ै लै ईशायाह इहअ, "ईंयां गल्ला निभणी एही ई अर एतो नछ़ैण हणअ ताल्है इहअ कि ऐहा साला हणीं तम्हां सह साल-फसल खाणां लै ज़ुंण बणैं-बूटै आप्पै आसा लागी दी, आगली साला हणीं तम्हां लै सह साल-फसल खाणां लै ज़ुंण खेचै आप्पै होए पज़ी दी अर चिऊथी साला बऊंणअ तम्हां नाज़ आप्पै अर लऊंणअ बी, तम्हां लाणैं दाखे बाग अर तेता का फल़ बी हणैं अर खाणैं बी भेटणैं। 31 ज़ुंण यहूदा मुल्खै ज़िऊंदै आसा लागै दै, तिंयां हणैं एही बेला ज़िहै ज़ुंण डुघी राझ़ा अर खास्सी फल़ा। 32 एरुशलेम नगरी अर सीनाई धारा हणैं ज़रूर मेरी परज़े लोग ज़िऊंदै रहै दै, किल्हैकि स्वर्गे सारी सैने मालक बिधाता दैणअ इहअ हणैं।
33 "तैही बोलअ बिधाता अश्शूर देशे राज़ै लै, ‘हुंह निं अश्शूर देशे राज़ै एरुशलेम नगरी भितरी एछणैं दैंदअ, तेऊ निं हुंह नगरी बाखा लै एक कतीर बी शोटणै दैंदअ। ऐहा नगरी निं हुंह तेऊ फेरा का गोटणैं दैंदअ। 34 सह ज़हा बाता आअ, तेऊ पल़णअ तैहा ई बाता फिरी डेऊणअ अर नगरी भितरी निं सह डेऊई सकदअ। अह आसा मुंह बिधातो बैण। 35 आपणैं दास दाबेदा पिछ़ू करनी मुंह ऐहा नगरीए फाज़त ज़ुंण मंऐं तेऊ लै ज़बान आसा दैनी दी।’"
36 तैहा ई राची डेऊअ बिधातो एक स्वर्ग दूत अश्शूरी सैने डेरै तिन्नें खिम्भे दला जैंदरी अर तेथ पाऐ एक लाख पजैस्सी हज़ार शूरबीर मारी। ज़ांऊं दुजै धैल़ै दोत्ती तिंयां होर उझ़ुऐ, तिन्नैं भाल़ी धरनीं ल्हासा ई ल्हासा पल़ी दी। 37 तेखअ डेऊअ अश्शूर देशो राज़अ सनहेरीब तिधा का फिरी संघा लागअ निनबे नगरी रहंदअ। 38 एकी धैल़ै डेऊअ सह देहुरै आपणैं निस्रोक देअआ सेटा माथै टेक्कदअ अर तिधी पाअ सह तेऊए दूई शोहरू अद्रमोलक अर शेरसेरै तलबारा करै मारी अर आप्पू ठुर्है तिंयां तिधा का अरारात देशा लै। तेखअ बणअ तेऊओ एक शोहरू एसर्दोन राज़अ।