Publicidade

Isaías 58

असली ब्रत

1 बिधाता बोला गूरा लै इहअ, "ज़ेतरअ ज़ोरै हई सका तेतरी ज़ोरै ला हाक! मेरी परज़ा याकबे आद-लुआदा का खोज़ कि तिन्‍नें केतरै पाप किऐ। 2 तिंयां मणछ करा धैल़ मेरी पूज़ा अर तिंयां करा इहअ दखाअ कि तिंयां च़ाहा इहअ थोघ करनअ कि हुंह किहअ च़ाहा कि तिंयां केही ज़िन्दगी ज़िऊए। तिंयां करा इहअ दखाअ कि तिंयां आसा धर्मीं अर तिन्‍नैं निं कधू बधानो एक बी हुकम टाल़अ। तिंयां फिरा मुखा पुछ़दै कि हुंह तिन्‍नां का नसाफ खोज़े। तिंयां ज़ाण्हिंआं इहै कि तिंयां रहा मुंह बिधाता सेटा एछणैं अर मेरी पूज़ा-गाज़ा करना लै खुश।

3 "लोग बोला बिधाता लै इहअ, ‘हाम्हैं रहै ब्रतू, तंऐं निं हाम्हां बाखा धैन ई दैनअ! हाम्हैं दैनअ आप्पू लै खास्सअ दुख। ज़ै ताह धैन ई निं दैणअ, तै किज़ू पल़ी हाम्हां भुखै रहणें?’"

बिधाता बोला तिन्‍नां लै इहअ, "असली गल्‍ल आसा एही कि ब्रते धैल़ी बी भाल़ा तम्हैं आपणअ ई फाईदअ अर तेभै कराऊआ तम्हैं आपणैं दासा का दुगणअ काम। 4 थारै ब्रतू रहणैंओ फल निखल़ा इहअ कि तम्हैं हआ रोश्शै आप्पू मांझ़ै झ़घल़दै लागै दै। तम्हैं कै सोठा कि इहअ ब्रत डाही करै कै मुंह थारी अरज़ शूणीं हेरनी? 5 ब्रतू रही दैआ तम्हैं मणछ आप्पू लै दुख, तम्हैं करा मधनूंए घाह ज़िहअ धरनीं उटअ मूंड, धरनीं खिंथल़ी छ़ैई अर घेरी छ़ार मल़ी करा तम्हैं दखाअ। एता लै बोला तम्हैं ब्रत? तम्हैं कै सोठा कि थारै इहअ करनै करै हुंह बिधाता खुश जाणअ हई?

6 "ज़िहअ ब्रत हुंह च़ाहा सह आसा इहअ कि ज़ुंण थोघै बाझ़ी गलाम आसा बणाऐं दै तिन्‍नां करा गलामीए जूँआं पोर्ही काढी आज़ाद। तिन्‍नां राश्शी चोल़ा पोर्ही ज़ेता करै लोग गलाम आसा बणाऐं दै। ज़ुंण ज़ोरा-ज़ोरी हंतै दै आसा, तिन्‍नां छ़ाडा पोर्ही। 7 आपणीं रोटी बांडा भुखै लै, छ़ुटै-मुक्‍कै दै अर रैनै-गरीबा दैआ आपणैं घअरै एछणैं। ज़ुंण नांगै आसा तिन्‍नां लै दैआ झिकल़ै अर आपणैं भाई-बंधे मज़त करनै का निं पिछ़ू हटी।

8 "तै च़मकणअ तम्हां लै मेरी बर्गतो प्रैश्शअ दोत्ती निखल़दै सुरज़ा ज़िहअ। मुंह करनै तम्हैं झ़ट च़ारै नरोगै। तम्हां आजू-आजू हांढणअ मुंह आप्पै अर मेरअ प्रतप्प हणअ तम्हां पिछ़ू अर तेता करै हणीं थारी फाज़त किल्हैकि हुंह बिधाता करा सदा भलअ ई। 9 तेखअ ज़ै तम्हैं मुंह सेटा मज़त मांगी अरज़ करे, सह हेरनी मुंह शूणीं।

"ज़ै तम्हैं होरी हंतणअ, झ़ुठअ दोश लाणअ अर बूरी गल्‍ला बोल़णीं छ़ाडे, 10 ज़ै तम्हैं भुखै लै रोटी दैए अर रैनै-गरीबे मज़त करे, तै च़मकणअ तम्हां फेर फिरदअ न्हैरअ दपहरे धुप्पै ज़िहअ प्रैश्शअ। 11 तै करनअ मुंह बिधाता कबल्‍लअ तम्हां का खोज़ी अर तम्हां लै करनीं मुंह भली गल्‍ला रज्ज़ी दैई। मुंह डाहणैं तम्हैं ताज़ै-नरोगै। तम्हैं हणैं इहै बागा ज़िहै ज़ेथ बतेर्हअ पाणीं हआ अर पाणींए एही सोबल़ा ज़िहै ज़ुंण कधि निं शुक्‍कदी। 12 थारी आद-लुआदा च़िणनी तिंयां पराणीं ज़ैगा, आथरी अर तिंयां भबन भिई ज़ेथ एकी ज़मानै ओर्ही बाण-भेखल़ आसा लागै दै। थारअ नाअं पल़णअ ढूल़ी दी दुआली भिई च़िणनै आल़अ।"

बशैघे धैल़ी मनणै आल़ै लै फल

13 बिधाता बोला इहअ, "ज़ै तम्हैं बशैघे धैल़ी पबित्र मने अर तेथ आपणीं मरज़ी नांईं करे, ज़ै तम्हैं मेरी पबित्र धैल़ी खास समझ़े अर तैहा धैल़ी हर कामां का बशैघ करी मेरअ अदर करे अर तैहा धैल़ी बृथा गल्‍ला नां लाए, 14 तै रहणैं तम्हैं मुंह बिधाता करै सुखी। तम्हां लै करनअ मुंह इहअ कि सारअ संसार थारअ अदर करे अर तैहा ज़ैगा बी रहणैं तम्हैं राज्ज़ी-खुशी ज़ुंण मंऐं थारै दाद-बाब याकबा लै आसा दैनी दी। अह गल्‍ल डाही मंऐं बिधाता बोली।"

Veja também

Publicidade
Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-06-15_21-32-39-