3 ओ मेरी परज़ा! ओर्ही एछा मुंह सेटा लै, धैन दैआ,
मुंह सेटा एछा, तै रहणैं तम्हैं ज़िऊंदै!
मुंह करनी तम्हां संघै सदा लै करार अर
तम्हां लै दैणीं मुंह बर्गत ज़ुंण मंऐं राज़ै दाबेदा लै ज़बान दैनी ती।55:3 भज. 89:28; शधा. 13:34
3 ओ मेरी परज़ा! ओर्ही एछा मुंह सेटा लै, धैन दैआ,
मुंह सेटा एछा, तै रहणैं तम्हैं ज़िऊंदै!
मुंह करनी तम्हां संघै सदा लै करार अर
तम्हां लै दैणीं मुंह बर्गत ज़ुंण मंऐं राज़ै दाबेदा लै ज़बान दैनी ती।55:3 भज. 89:28; शधा. 13:34