3 ओ रूबेन, तूँ मेरा जेठा, मेरी तागत ओर मेरी मर्दानगिया रा पईला फल़ ए;
मान-सम्मानो रा खरा पाअग ओर तागती रे महान तूँई ए।
4 तूँ जो पाणिए जेड़ा ऊफणने वाल़ा ए,
इजी री खातर तूँ आपणे पाईया ते आगे नि बढ़ना;
कऊँकि तूँ आपणे बाओ रे माँजे पाँदे चढ़ेया,
तेबे तैं से अशुद्ध कित्तेया;
से मेरे बछौणे पाँदे चढ़ीगा।