26 तेखअ बोलअ बिधाता इहअ, "ऐबै बणाणैं हाम्हां मणछ आपणैं रुपै आप्पू ज़िहै। ताकि तिंयां समुंदरे सारी म्हाछ़ली, सरगै डेऊणैं आल़ै सोभी च़ेल्लू-पखीरू, घरेलू डागै-चैणैं, पृथूई अर तेथ दी हांढणै-फिरनैं आल़ै ज़ीबा आपणैं काबू दी डाहे।"1:26 याक. 3:9
27 तेखअ बणाऐं बिधाता मणछ आपणैं रुपै आप्पू ज़िहै, तिंयां बणाऐं बिधाता मर्ध अर बेटल़ी दूई रुपै।1:27 मोत्त. 19:4; मार्क. 10:6; शधा. 17:29; 1 करि. 11:7; कुलू. 3:10; 1 तिम. 2:13