6,7 च़ाल़्ही धैल़ै बाद खोल्हअ नूहै ज़हाज़ो तीरू संघा छ़ाडअ एक काअ बागा लै, पर सह रहअ डैऊंदअ लागी ज़ेभै तैणीं धरती दी पाणीं शुक्कअ निं।
8 तेखअ छ़ाडी नूहै एक पालल़ी ताकि थोघ लागे कि धरती दी पाणीं शुक्कअ कि नांईं।
9 पाणीं थिअ अज़ी बी सारै दी, ज़ांऊं तैहा पालल़ी बेशणा लै किधी ज़ैगा निं भेटी, सह पुजी ज़हाज़ा दी बापस फिरी, नूहै किअ आपणअ हाथ तीरू बागै संघा ढाकी पालल़ी ज़हाज़ा भितरा लै।
10 साता धैल़ै बाद छ़ाडी नूहै पालल़ी भिई बागा लै।
11 सान्हां पुजी पालल़ी बापस ज़हाज़ा दी फिरी, च़ुंज़ी आणअ जैतूने बूटा का हरअ पाच। तेखअ हेरअ नूहै ज़ाणीं कि धरती दी गअ पाणीं घटी।
12 तेखअ न्हैल़ै तेऊ सात धैल़ै होर बितदै, संघा छ़ाडी सह पालल़ी अर ऐहा बारी निं सह बापस फिरी।