21 ज़ेभै तम्हैं दैहणीं या बाऊंईं बाखा कबाता पेठे, तम्हां का जाणअ पिछ़ू का बिधाता बोल्दअ शुण्हुंई, "अह बात आसा, एथ लागा आज़रै हांढदै।"
21 ज़ेभै तम्हैं दैहणीं या बाऊंईं बाखा कबाता पेठे, तम्हां का जाणअ पिछ़ू का बिधाता बोल्दअ शुण्हुंई, "अह बात आसा, एथ लागा आज़रै हांढदै।"