उद्धार हणैंओ खुशीओ समाद
1 61:1 मोत्त. 11:5; लूक. 7:22; 4:18,19; शधा. 10:38; 26:18 मालक बिधाता पाई मुंह दी आपणीं आत्मां।
तेऊ छ़ांटअ हुंह संघा छ़ाडअ हुंह
रैनै-गरीबा लै खुशीए समादा खोज़दअ,
दुखी दिले मणछा नरोगै करदअ अर
कैद किऐ दै मणछा अर गलाम हुऐ दै मणछा लै
आज़ाद हणें खुशीए खबर खोज़दअ।
2 61:2 मोत्त. 5:4; लूक. 4:18,19 तेऊ छ़ाडअ हुंह सोभी का इहअ खोज़दअ कि
इहअ बगत गअ पुजी ज़ेभै बिधाता आपणीं परज़ा बच़ाऊंणी
अर आपणैं दुशमणा का बदल़अ लणअ।
तेऊ छ़ाडअ हुंह तिन्नां सोभी लै शांती दैंदअ ज़हा शोग आसा पल़अ द,
3 अर तिन्नां लै दुखे बदल़ै खुशी अर नंद दैंदअ अर
दुखे लामणे ज़ैगा ज़ै-ज़ैकार करने गिहा बोल्दअ ज़ुंण
सियोन 61:3 सियोन एरुशलेमनगरी शोग करदै आसा लागै दै।
तिंयां आसा इहै बडै-बडै बूटा ज़िहै ज़ुंण
बिधाता आपणैं हाथै आसा रोहै दै।
तिन्नां करनीं सोभ गल्ला भली ई अर
ज़ुंण बिधाता किअ, तेता लै हणीं तेऊए सर्राफी।61:3 भज. 45:7; 30:11; लूक. 6:21
4 यहूदे परज़ा च़िणनी सह नगरी भिई ज़ुंण नगरी एकी ज़मानै61:4 एकी ज़मानै कोई शौ साला पैहलै बाबेल देशा आल़ै पठी बरैबाद किई ती।
5 मेरै लोगो, परदेसी बी करनीं थारी च़ाकरी।
तिंयां हणैं थारी भेडा बाकरीए हेल़्ही फुआल अर डागै गुआल़ै
तिंयां हणैं धारे दाखे बागा पहरी।
6 थारी बछ़ैण हणीं बिधाते प्रोहते रुपै अर
तम्हैं आसा म्हारै परमेशरे च़ाकरी करनै आल़ै।
तम्हां भोगणी देशा-देशे ज़ैदात अर तम्हां करनी
तेते बड़ैई कि सह आसा थारी।61:6 1 पत. 2:5,9; प्रका. 1:6; 5:10
7 थारी शर्मिंदगी अर बेइज़ती मुक्की पठी।
तम्हैं बस्सणै आपणीं जदी ज़ैगा,
थारी ज़ैदात हणीं दुगणीं अर
तम्हैं रहणैं सदा नंद अर खुशी दी।
8 बिधाता बोला इहअ,
"हुंह झ़ूरा नसाफा लै, हंतणैं आल़ै अर ज़ुल्म करनै का करा हुंह नफरत।
मुंह दैणअ शुचै-पाक्कै रही आपणीं परज़ा लै फल अर
तिन्नां संघै करनी मुंह सदा रहणैं आल़ी करार।
9 तिन्नें आद-लुआद हणैं देशा-देशा जैंदरी मशूर,
सोभी लागणअ तिन्नां भाल़ी थोघ कि
तिंयां आसा इहै लोग ज़हा लै मंऐं आसा बर्गत दैनी दी।"
10 एरुशलेम, ज़ुंण बिधाता किअ, तेता लै मनाऊं खुशी अर नंद।
सह आसा एही लाल़ी ज़ेही ज़ुंण बैहो हार शंगार बान्हीं आसा बेठी दी।
परमेशरै बन्हैऊंऐं तैहा का उद्धार अर धर्में झिकल़ै।61:10 रोम. 5:11; इब्रा. 3:18; प्रका. 19:7,8; 21:2
11 ज़ेही धरती बेज़अ पज़ेरा,
तिहै बच़ाऊंणी मालक बिधाता आपणीं परज़ा,
अर सोभी देशा करनीं तेऊए ज़ै-ज़ैकार।