3 जेबे तिने सेयो तेरा किलो चाँदिए रे सिक्के आपणी माया खे वापस करी ते; तेबे तेसरी माये बोलेया, "आऊँ आपणी तरफा ते आपणे पाऊए रिया तँईं ये चाँदिए रे सिक्के यहोवे खे पक्का अर्पण करूँई, ताकि तिजी साथे एक मूर्त कअड़ी की ओर चाँदिए की मढ़ी की बणाई जाओ, इजी री खातर से सिक्के एबे आऊँ फेर ताखे वापस करी देऊँई।"