उद्धार हणैंओ खुशीओ समाद
1 मालक बिधाता पाई मुंह दी आपणीं आत्मां।
तेऊ छ़ांटअ हुंह संघा छ़ाडअ हुंह
रैनै-गरीबा लै खुशीए समादा खोज़दअ,
दुखी दिले मणछा नरोगै करदअ अर
कैद किऐ दै मणछा अर गलाम हुऐ दै मणछा लै
आज़ाद हणें खुशीए खबर खोज़दअ।
1 मालक बिधाता पाई मुंह दी आपणीं आत्मां।
तेऊ छ़ांटअ हुंह संघा छ़ाडअ हुंह
रैनै-गरीबा लै खुशीए समादा खोज़दअ,
दुखी दिले मणछा नरोगै करदअ अर
कैद किऐ दै मणछा अर गलाम हुऐ दै मणछा लै
आज़ाद हणें खुशीए खबर खोज़दअ।