उद्धार हणैंओ खुशीओ समाद
1 61:1 मोत्त. 11:5; लूक. 7:22; 4:18,19; शधा. 10:38; 26:18 मालक बिधाता पाई मुंह दी आपणीं आत्मां।
तेऊ छ़ांटअ हुंह संघा छ़ाडअ हुंह
रैनै-गरीबा लै खुशीए समादा खोज़दअ,
दुखी दिले मणछा नरोगै करदअ अर
कैद किऐ दै मणछा अर गलाम हुऐ दै मणछा लै
आज़ाद हणें खुशीए खबर खोज़दअ।
2 61:2 मोत्त. 5:4; लूक. 4:18,19 तेऊ छ़ाडअ हुंह सोभी का इहअ खोज़दअ कि
इहअ बगत गअ पुजी ज़ेभै बिधाता आपणीं परज़ा बच़ाऊंणी
अर आपणैं दुशमणा का बदल़अ लणअ।
तेऊ छ़ाडअ हुंह तिन्नां सोभी लै शांती दैंदअ ज़हा शोग आसा पल़अ द,
3 अर तिन्नां लै दुखे बदल़ै खुशी अर नंद दैंदअ अर
दुखे लामणे ज़ैगा ज़ै-ज़ैकार करने गिहा बोल्दअ ज़ुंण
सियोन 61:3 सियोन एरुशलेमनगरी शोग करदै आसा लागै दै।
तिंयां आसा इहै बडै-बडै बूटा ज़िहै ज़ुंण
बिधाता आपणैं हाथै आसा रोहै दै।
तिन्नां करनीं सोभ गल्ला भली ई अर
ज़ुंण बिधाता किअ, तेता लै हणीं तेऊए सर्राफी।61:3 भज. 45:7; 30:11; लूक. 6:21