1 धइन अय ओ मनख,
जऊन ह दसटमन क चल म नइ चलय
य पपमन क रदद म ठढ नइ हवय,
य ठटठ करइयमन क सग म नइ बईठय,
2 पर ओह यहव क कनन म खस रहथ,
अऊ ओह ओकर कनन म रत अऊ दन मनन-चतन करत रहथ।
1 धइन अय ओ मनख,
जऊन ह दसटमन क चल म नइ चलय
य पपमन क रदद म ठढ नइ हवय,
य ठटठ करइयमन क सग म नइ बईठय,
2 पर ओह यहव क कनन म खस रहथ,
अऊ ओह ओकर कनन म रत अऊ दन मनन-चतन करत रहथ।