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भजन-संहिता 96

1 यहबर एक नवां वव;

धरतजममनखमन, यहबर वव

2 यहबर वव, ओकर ांपरसकरव;

ओकर उदसमहर िरहव

3 ि-ि मनखमन ओकर महिे,

अऊ जममनखमन ओकर अदबखकरव

4 बरकि यहमहअऊ अति परसअय;

ओह जमवतमन भय अय

5 बरकि ि-ि जमवतमन ििरत,

पर यहवरग बनईस

6 अऊ भव ओकर आघहवय;

कत अऊ महिओकर पबितर-सहवय

7 ि-ि जमपरिरमन, यहबखकरव,

यहमहिअऊ बल बखकरव

8 यहांिओकर बखकरव;

ेंओकर गनआवव

9 पबितरतयमयहअरधनकरव;

धरतजममनखमन, ओकर आघांपव

10 ि-ि मनखमन कहव, "यहसन करथे।"

मजबिकरहवय, हटनइसकय;

ओह सममनखमन िकरही।

11 अकआनमनवय, धरतवय;

समुंदर अऊ ओमजमजमन गरज

12 इयां अऊ ओमहर एक बहुंआनि;

गल जमखमन आनि

13 िियहआघआनमनवय, बरकि ओह आवथे,

ओह धरतिकरबर आवथे।

ओह धरमपन

अऊ अपन िसवसययतमनखमन िकरही।

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