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भजन-संहिता 53

िरदसक बरमहलत53:0 संभवतः संगीत के एक सबद िऊद एक मसक

1 अपन मन कहिे,

"परमसर नइ"

ओमन िगडहव, अऊ ओमन लचलन िकम;

अइसनइ, जऊन भलई करथे।

2 परमसर वरग

जमनव-जि आसखथ

ि समझदहवय ि नइं,

परमसर करथि नइं।

3 हर मनखभटक हवय, जमझन िगडहव;

अइसनइ, जऊन भलई करथे,

एकझन घलनइं।

4 जमकरइयमन नइ?

ओमन मनखमन अइसें, ि वत ें;

ओमन कभपरमसर ांनइ

5 िां डरनइरहय,

उहां ओमन डर घबरहव

जऊन मन ऊपर हमलकरि, परमसर ओमन ़ामन ि;

ेंओमन लजिकरय, बरकि परमसर ओमन ि

6 बनिि इसरयल बर उदििआति!

जब परमसर अपन मनखमन पहिसहीं कर े,

आनमनवय अऊ इसरयल वय!

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