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भजन-संहिता 58

िरदसक बरऊद "झन कर" एक िकत58:0 संभवतः संगीत के एक सबद

1 सन करइयमन, मन सहिय-सगत करथव?

मन मनखमन सहिकरथव?

2 नइं, अपन मन मन अनिकरउपकरथव,

अऊ अपन ांधरतिंफईलथव

3 अऊ अऊ टमन जनम गलत रसतचलथें;

गरभ ओमन लबफईलभटक ें।

4 ओमन जहर एक ांजहर सहीं अय,

एक ांसहीं अय, जऊन ि नइनय,

5 अऊ ओह ऊपर िनइवय,

कतकिकरइयवय

6 परमसर, ओमन ूं ओमन ांे;

यहा, िंहमन ांजडउखे!

7 ओमन सहीं यब , जऊन बहत-बहत आघिकल े;

जब ओमन धन, ओमन िझन लगय

8 ओमन एक ोंसहीं , जऊन सरकत-सरकत टघल े,

ओमन एक मरजनमलइकसहीं , जऊन रज कभनइखय

9 कर पहिि िा-़ी लगआगां़ी लगय

ओमन हरियर ओमन बवडर उड़ा िी।

10 जब ओमन बदलिी, धरममन ीं,

जब ओमन अपन ांटमन रहीं।

11 तब मनखमन कहिीं,

"खचिधरममन अभघलईनिे;

खचिएक परमसर हवय, जऊन धरतिकरथे।"

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