Pular para o conteúdo
Publicidade

भजन-संहिता 112

1 यहपरसकरव

धइन ओमन, जऊन मन यहभय नथें,

जऊन मन ओकर लन करबहुंें।

2 ओमन लइकमन सकिीं;

ईमनदमनख़ी आसिलही।

3 ओमन घर धन अऊ समपननती,

अऊ ओमन धरमपन हमबनरहिी।

4 ईमनदमनखबर िघलिकलथे,

ओमन बर घलो, जऊन मन अनरहकअऊ दयअऊ धरम

5 ओमन भलई ी, जऊन मन उदमन अऊ मन उधें,

जऊन मन अपन िबरतकरथें।

6 खचिधरमकभनइडगमगी;

ओमन हमरतकरी।

7 ओमन खरनकभयभनइीं;

यहऊपर भररखत ओमन िरदय इसिरहिे।

8 ओमन िरदय रकछिहवय, ओमन िसम भय नइवय;

आखिओमन अपन बईरमन ऊपर िजयखहीं।

9 ओमन गरबमन िलकहव,

ओमन धरमपन सदतक बनरहिे;

ओमन ीं112:9 सींग ह इहां परतिस्ठा या सम्मान के प्रतीक अय आदर करी।

10 टमन खकीं,

ओमन अपन ांसहीं अऊ बरबीं;

टमन लसनइी।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também