1 धइन अय ओ मनखे,
जऊन ह दुस्टमन के चाल म नइं चलय
या पापीमन के रद्दा म ठाढ़ नइं होवय,
या ठट्ठा करइयामन के संग म नइं बईठय,
2 पर ओह यहोवा के कानून म खुस रहिथे,
अऊ ओह ओकर कानून म रात अऊ दिन मनन-चिंतन करत रहिथे।
3 ओ मनखे ह ओ रूख सहीं अय, जऊन ला बहत नरवा के तीर म लगाय गे हवय,
अऊ सही समय म फरथे,
अऊ जेकर पान ह कभू नइं अयलाय—
जऊन कुछू ओह करथे, ओह सफल होथे।