5 ओमन के भलई होही, जऊन मन उदार मन के अंय अऊ खुले मन से उधार देथें, जऊन मन अपन काम म नियाय के बरताव करथें।
5 ओमन के भलई होही, जऊन मन उदार मन के अंय अऊ खुले मन से उधार देथें, जऊन मन अपन काम म नियाय के बरताव करथें।