2 कब तक मेंह अपन बिचार म फंसे रहिहूं
अऊ हर दिन अपन मन म दुखी होवत रहिहूं?
कब तक मोर बईरी ह मोर ऊपर जय पावत रहिही?
2 कब तक मेंह अपन बिचार म फंसे रहिहूं
अऊ हर दिन अपन मन म दुखी होवत रहिहूं?
कब तक मोर बईरी ह मोर ऊपर जय पावत रहिही?
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