16 तोर आंखी ह मोर बिगर आकार के देहें ला देखिस;
मोर देहें के अंग, जऊन मन बनत जावत रिहिन,
ओमन रचे जाय के पहिले तोर किताब म लिखाय रिहिन।
16 तोर आंखी ह मोर बिगर आकार के देहें ला देखिस;
मोर देहें के अंग, जऊन मन बनत जावत रिहिन,
ओमन रचे जाय के पहिले तोर किताब म लिखाय रिहिन।