1 मेंह यहोवा ला ऊंचहा अवाज म पुकारथंव;
मेंह यहोवा ला दया करे बर जोर से गोहारथंव।
2 मेंह ओकर आघू म अपन सिकायत ला खुलके बताथंव;
ओकर आघू म मेंह अपन समस्या ला बताथंव।
3 जब मोर आतमा ह मोर भीतरे-भीतर बियाकुल होथे,
तब तेंहीच ह मोर दसा ला देखथस।
जऊन रसता म मेंह चलथंव, ओ रसता म
मनखेमन मोर बर फंदा लगाय हवंय।
4 देख, मोर जेवनी कोति कोनो नइं एं;
मोर कोनो चिंता नइं करंय।
मोर कोनो सरन-स्थान नइं ए;
कोनो मोर जिनगी ऊपर धियान नइं देवंय।
5 हे यहोवा, मेंह तोला पुकारत हंव;
मेंह कहिथंव, "तेंह मोर सरन-स्थान,
अऊ जीयत परानीमन के देस म मोर भाग अस।"