2 ओ, जकर चलचलन ह नरदस ह,
जऊन ह धरम कम करथ,
जऊन ह अपन हरदय ल सच बलथ;
3 जकर मह ल ननद क बत नइ नकलय,
जऊन ह अपन परस क बरध कन गलत कम नइ करय,
अऊ आन मन क ननद नइ करय;
4 जऊन ह दसट मनख ल तछ समझथ
पर ओमन क आदर करथ, जमन यहव ल डरथ;
जऊन ह हन उठक घल अपन सपथ ल पर करथ,
अऊ अपन मन ल नइ बदलय;
5 जऊन ह बगर बयज क गरब ल अपन पईस उधर दथ;
जऊन ह नरदस मनख ल घस नइ लवय।
जऊन ह य कममन ल करथ,
ओह कभ नइ डलय।